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रक्षाबंधन पर इस बार बांधिए पौधे के रूप में उगाई जा सकने वाली राखी

रक्षाबंधन पर इस बार बांधिए पौधे के रूप में उगाई जा सकने वाली राखी

रक्षाबंधन पर इस बार बांधिए पौधे के रूप में उगाई जा सकने वाली राखीनई दिल्ली : जनजातीय मामलों के मंत्रालय के स्वायत्त संगठन ट्राइफेड ने इस रक्षाबंधन पर पर्यावरण अनुकूल राखियों की बिक्री करने की योजना बनाई है। राखियों के अलावा इस अवसर पर विशेष पारम्परिक परिधानों की बिक्री भी की जा रही है।

ट्राइफेड की ओर से पेश किए गए ये सभी उत्‍पाद कपड़े और सीड पेपर से बनाए गए हैं। इन सीड पेपर को मध्य प्रदेश के ओरछा की साहरिया आदिवासी महिलाओं ने बनाया है। इनमें तुलसी और गेंदे के बीजों का प्रयोग किया गया है। इसलिए इन्हें उगाया जा सकता है।

रक्षाबंधन पर इस बार बांधिए पौधे के रूप में उगाई जा सकने वाली राखीट्राइफेड ने इन राखियों के जरिए लोगों तक पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रभावी तरीके से पहुंचाने की कोशिश की है। साहरिया आदिवासी समुदाय के अलावा राखियां बनाने के काम में हिमाचल प्रदेश की जनजातीय क्षेत्रों की महिलाओं को भी जोड़ा गया है।

ये राखियां और परिधान ट्राइफेड की खुदरा दुकानों, ट्राइब्स इंडिया की सभी शाखाओं तथा मंत्रालय के वेब पोर्टल Tribesindia.com के अलावा अमेजॉन, स्नैपडील, पे-टीएम तथा फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स पोर्टल पर भी उपलब्ध हैं।रक्षाबंधन पर इस बार बांधिए पौधे के रूप में उगाई जा सकने वाली राखी

Last modified onSaturday, 11 August 2018 14:26
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