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खेती में महिलाओं की भागीदारी 75 फीसदी तक बढ़ी

खेती में महिलाओं की भागीदारी 75 फीसदी तक बढ़ी

खेती में महिलाओं की भागीदारी 75 फीसदी तक बढ़ीकृषि क्षेत्र के विकास में महिलाओं का अहम योगदान उभरकर आया है।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से नौ राज्यों में किए गए एक अनुसंधान से पता चला है कि प्रमुख फसलों के उत्पादन में महिलाओं की भागीदारी 75 फीसदी तक रही है। बागवानी में यह आंकड़ा 79 प्रतिशत और फसल कटाई के बाद के कार्यों में 51 फीसदी तक भागीदारी ग्रामीण महिलाओं की है। इसके अलावा, पशुपालन और मछली उत्पादन में यह आंकड़ा 95 प्रतिशत तक है।

आर्थिक रूप से सक्रिय 80 फीसदी महिलाएं कृषि क्षेत्र में कार्यरत हैं। इनमें से लगभग 33 फीसदी मजदूरों के तौर पर और 48 फीसदी स्वनियोजित किसानों के तौर पर कार्य कर रही हैं।

एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में लगभग 18 प्रतिशत खेतिहर परिवारों का नेतृत्व महिलाएं ही करती हैं। कृषि कार्यों के साथ साथ महिलाएं पशु पालन, मछली पालन, बागवानी, कृषि वानिकी और मधुमक्खी पालन जैसे कार्यों में भी बखूबी अपना योगदान दे रही हैं।

महिलाओं को कृषि की मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से सरकार ने भी कई योजनाओं को शुरू किया है। इन योजनाओं के जरिए महिलाओं के लिए 30 फीसदी से अधिक धनराशि का आवंटन कर दिया गया है।

इस दौरान, सहकारिता के क्षेत्र में कृषि कार्यों के लिए 38.78 लाख महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है।

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