Menu

 

आईएफएफआई 2017: ‘120 बिट्स पर मिनट’ सर्वश्रेष्ठ फिल्म, बिग बी सर्वश्रेष्ठ भारतीय फिल्म व्यक्तित्व

बिग बीगोवा में आयोजित नौ दिवसीय भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह (आईएफएफआई) 2017 एक रंगारंग समापन समारोह के साथ संपन्न हो गया। इस वर्ष के आईएफएफआई की थीम ‘कहानियों के जरिए विश्व से जुड़ाव’ थी। सितारों से सुसज्जित समारोह के दौरान स्वर्ण मयूर, रजत मयूर, लाइफटाईम अचीवमेंट पुरस्कार एवं वर्ष के सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार समेत विभिन्न सम्मानजनक पुरस्कार प्रदान किए गए।

Read more...

‘दम लगा के हइशा’ ने मेरी सोच को बदल दिया : भूमि पेडनेकर

भूमि पेडनेकरभूमि पेडनेकर की पहली फिल्म ‘दम लगा के हइशा’ ने बेहद प्रशंसा बटोरी थी और इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ नवोदित अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला। भूमि की अन्य दोनों रिलीज फिल्में ‘टॉयलेट : एक प्रेम कथा’ तथा ‘शुभ मंगल सावधान’ भी अपरंपरागत विषयों को लेकर बनाई गई हैं।

Read more...

हिन्दी फिल्मों में दिखती रही है राष्ट्रवाद की झलक...

पिछले 70 वर्षों में हिन्दी की अनेक यादगार फिल्मों ने लोगों में देशभक्ति भाव, शौर्य और देश के लिए बलिदान का भाव भरा है। फिल्मों के विषय स्वतंत्रता संघर्ष, आक्रमण और युद्ध, खेल, प्राचीन और मध्यकालीन इतिहास, विद्रोह आदि रहे हैं। लेकिन, सबके मूल में भारतीय होना और देश के प्रति कर्तव्य का भाव रहा है।

Read more...

कोई मुकाबला आज भी नहीं है ‘दूरदर्शन’ का...

टेलीविजन का आविष्कार यूं तो जॉन एल बिलियर्ड ने 1920 के दौर में ही कर दिया था लेकिन भारत में यह टीवी तब पहुंचा जब 15 सितम्बर 1959 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने दिल्ली में एक प्रसारण सेवा दूरदर्शन का उद्घाटन किया। हालांकि तब शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यह दूरदर्शन, यह टीवी आगे चलकर जन-जन की जिंदगी का अहम हिस्सा बन जाएगा। आज यह टीवी रोटी, कपड़ा और मकान के बाद लोगों की चौथी ऐसी जरूरत बन गया है जिसके बिना जिंदगी मुश्किल और सूनी सी लगती है।

Read more...

loading...
Bookmaker with best odds http://wbetting.co.uk review site.