Menu

 


राजनीतिक ‘हिन्दूकरण’ के प्रबल पक्षधर थे सावरकर

राजनीतिक ‘हिन्दूकरण’ के प्रबल पक्षधर थे सावरकरहिन्दू राष्ट्र की राजनीतिक विचारधारा को विकसित करने का बहुत बड़ा श्रेय सावरकर को जाता है। ऐसा माना जाता है कि उनकी इस विचारधारा के कारण आजादी के बाद की सरकारों ने उन्हें वह महत्व नहीं दिया जिसके वह वास्तविक हकदार थे। उन्हें प्रायः ‘स्वातंत्र्यवीर वीर सावरकर’ के नाम से सम्बोधित किया जाता है।

Read more...

यमराज की चार ‘चिट्ठियां’

चिट्ठियांएक चतुर व्यक्ति को यमराज से बहुत डर लगता था। एक दिन उसे एक चतुराई सूझी और उसने यमराज को अपना मित्र बना लिया। उसने अपने मित्र यमराज से कहा, “मित्र! तुम किसी को भी नहीं छोड़ते हो, किसी दिन मुझे भी धर लोगे!”

Read more...

उत्साह, शांति, हिम्मत, समृद्धि और आशा के पांच दीये

उत्साह, शांति, हिम्मत, समृद्धि और आशा के पांच दीयेएक घर मे पांच दीये जल रहे थे। एक दिन पहले दीये ने सोचा, 'इतना जलकर भी मेरी रोशनी की लोगों को कोई कद्र नहीं है तो बेहतर यही होगा कि मैं बुझ जाऊं' और वह दीया खुद को व्यर्थ समझकर बुझ गया। जानते हैं वह दीया कौन था? वह दीया था..., ‘उत्साह’ का प्रतीक...!

Read more...

loading...
Bookmaker with best odds http://wbetting.co.uk review site.