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मानवता को बचाए रखने के लिए जरूरी है स्वच्छता अभियान

मानवता को बचाए रखने के लिए जरूरी है स्वच्छता अभियान

मानवता को बचाए रखने के लिए जरूरी है स्वच्छता अभियान मनुष्य के प्रमुख गुणों में स्वच्छता प्रमुख है। दूसरे जीवों में ऐसी प्रवृत्ति नहीं होती है। ईश्वर ने मानव प्रकृति ही ऐसी बनाई है जिससे वह गंदगी को दूर करने के लिए हर पल श्रम करने को तैयार रहता है।

भारतीय संस्कृति में सफाई और स्वच्छता को प्रमुख एवं पवित्र माना गया है। शिक्षा और संस्कृति के साथ स्वास्थ्य का अटूट संबंध भारत में वैदिक काल से समझाया जाता रहा है।

नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान देश में लगातार ‘स्वच्छ भारत मिशन' पर कार्य किया जा रहा है। पूरे देश में सफाई अभियान से जुड़ी गतिविधियां चलाई जा रही हैं लेकिन बावजूद इसके आशाओं एवं अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य नहीं हो पा रहा है। कई तरह का कचरा एवं गंदगी देश में निरन्तर बढ़ती ही जा रही है।

हमारे देश में कचरा फैलाने वाले लोग अधिक हैं और उसे समेटने वाले लोग कम। यदि शहरों की स्थिति देंखें तो जगह-जगह नालियों में गंदा पानी इकट्ठा हो रहा है। पानी में प्लास्टिक और सड़ा हुआ सामान पड़ा है। उनमें मक्खी, मच्छर व दूसरे कीड़े-मकौड़े पल रहे हैं। लोग कचरे की ओर देखते हैं और मुंह फेरकर निकल लेते हैं। कोई उसे साफ करने के लिए आगे नहीं बढ़ता।

इसी तरह, यदि गांवों की और नजर डाली जाए तो वहां भी किसी तरह की सुव्यवस्था दिखाई नहीं देती। वहां न तो जल निकासी की कोई व्यवस्था है और न ही शौचालय।

स्वच्छता की दृष्टि से तीर्थस्थलों व पर्यटनस्थलों का भी बुरा हाल है। यहां बड़ी संख्या में लोग आते हैं, प्रकृति की सुदंरता व आध्यात्मिक वातावरण का लाभ लेते हैं, बदले में, वहां के वातावरण को गंदा करके चले जाते हैं।

आजकल पानी भी बोतलों व प्लास्टिक की थैलियों में मिलने लगा है। चूंकि, पानी हर व्यक्ति की आवश्यकता है, अत: इसे खरीदना और पानी पीकर कहीं भी प्लास्टिक को फेंक देना सामान्य सी बात हो गई है।

बात मात्र गंदगी फैलने तक ही सीमित नहीं रहती, बल्कि उस गंदगी में हानिकारक कीड़े पनपते हैं और फिर ये कीड़े घरों में प्रवेश कर खाने-पीने की वस्तुओं पर बैठते हैं जिससे अनेक संक्रामक रोग फैलते हैं। यही कारण है कि संक्रामक बुखार सहजता से फैल जाता है।

सब जानते है और सब मानते भी हैं कि गंदगी नही फैलानी चाहिए, लेकिन फिर भी फैली हुई गंदगी को अनदेखा करके उस गंदगी को और बढ़ाने का कार्य करते हैं। जब तक गंदगी को अनदेखा किया जाएगा, उसे साफ करने के लिए प्रयास नहीं किया जाएगा तो यह फैलती ही जाएगी और एक दिन इतनी बढ़ जाएगी कि इसे साफ करना असंभव हो जाएगा। तो, फिर क्यों न इस गंदगी को बढ़ने ही न दिया जाए और अपने घर, परिवेश व पर्यावरण को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया जाए।

Last modified onThursday, 03 January 2019 15:29
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