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जानिए दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा की अहम विशेषताएं

जानिए दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा की अहम विशेषताएं

जानिए दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा की अहम विशेषताएंदेश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की स्मृति में बनी प्रतिमा का बुधवार को अनावरण किया। आइए जानते हैं इस मूर्ति की खास बातें।

नर्मदा नदी पर बने सरदार बांध से साढ़े तीन किमी दूर स्थित लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के सम्मान में बनी 182 मीटर ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' 33 महीने में बनकर तैयार हुई है।

इस प्रतिमा से 153 मीटर की ऊंचाई पर जाकर पर्यटक 12 किमी दूर तक का नजारा देख सकेंगे।

नजदीकी 169 गांवों के किसानों ने मूर्ति के लिए लोहे का दान दिया है। दान में मिले करीब 135 मीट्रिक टन लोहे का इस प्रतिमा के निर्माण में इस्तेमाल हुआ है।

करीब 200 लोग एकसाथ मूर्ति के ऊपरी हिस्से में बनी गैलरी में आ सकते हैं।

यह प्रतिमा 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं को झेल सकती है। 6.5 रिक्टर पैमाने पर आए भूकंप के झटकों में भी इस मूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

करीब 2,989 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस मूर्ति के निर्माण में 1.80 लाख टन सीमेंट और कंक्रीट का इस्तेमाल किया गया है।

करीब 18,500 टन लोहा इस प्रतिमा की नींव में और 6,500 टन लोहा मूर्ति के ढांचे में लगा है।

मूर्ति के निर्माण से पहले तैयार किए गए नमूने की ऊंचाई 30 फुट है।

इस मूर्ति का निर्माण रामवनजी सुतार ने किया है। वह पद्मश्री से सम्मानित हैं और इससे पहले 50 से अधिक स्मारकों का निर्माण कर चुके हैं।

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