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यह नया उपग्रह समुद्र पर रखेगा नजर

यह नया उपग्रह समुद्र पर रखेगा नजर

यह नया उपग्रह समुद्र पर रखेगा नजरभारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने गाजा तूफान के खतरे के बीच जीएसएलवी एम 3 डी 2 रॉकेट की मदद से जीसेट 29 उपग्रह का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। यहां हम बता रहे हैं इस नए उपग्रह की खास बातें।

इस उपग्रह को इसरो के सबसे ताकतवर रॉकेट के जरिए श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लांच किया गया।

नए उपग्रह से जम्मू और कश्मीर व पूर्वोत्तर के दूरदराज के इलाकों में न केवल तेज गति का इंटरनेट मिलेगा बल्कि समुद्र के मिजाज पर भी कड़ी नजर रखी जा सकेगी।

यह अब तक का सबसे भारी उपग्रह है। इसका वजन 3423 किलोग्राम है। इसमें दुनिया के दूसरे सबसे बड़े बूस्टर एस 200 का इस्तेमाल किया गया है।

इसे पृथ्वी से 36 हजार किलोमीटर दूर स्थापित किया गया।

इसमें का एवं कु बैंड के ट्रांसपोंडर लगे हैं जिससे देश की नई संचार जरूरतें पूरी होंगी। यह भारत के दूरदराज के क्षेत्रों में तेज गति से डाटा ट्रासफर में मदद करेगा।

जहाजों की निगरानी करने में यह उपग्रह अहम भूमिका अदा करेगा। इसमें बेहद आधुनिक उच्च क्षमता का जियो आई कैमरा लगा हुआ है। यह हिंद महासागर तक के चित्र भेज सकेगा।

पूरी तरह स्वदेशी यह उपग्रह अगले 10 साल तक काम कर सकेगा। इस परियोजना को पूरा होने में 15 साल लगे हैं।

तेरह मंजिल इमारत जितने यानी करीब 43 मीटर ऊंचे इस रॉकेट में तरल ऑक्सीजन और हाईड्रोजन को ईंधन के तौर पर इस्तेमाल किया गया है।

Last modified onSunday, 18 November 2018 17:48
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